दुनिया बहुत बड़ा पागलखाना है

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सरल सहज जीवन है भैय्या,
इसे मत उलझाओ रे ..
जीना बहुत सरल है उसको
समझो और समझाओ रे …

देखो सरल अस्तित्व यहाँ ..
सरल सहज सहयोगी ..
मानव को छोड़ यहाँ, हैं सब निरोगी ..
संबंध भी कोई वस्तु है इसको
समझो और समझाओ रे …

सरल सहज जीवन है भैय्या,
इसे मत उलझाओ रे ..

सदा सुखी जीवन जीना ही
हर मानव की  प्यास है ..
बिना समझ के व्यवहार कार्य से ..
सभी यहाँ उदास हैं|
पहचानों अपने आप को रे भैय्या ..
और सुखी हो जाओ रे ..

सरल सहज जीवन है भैय्या,
इसे मत उलझाओ रे ..

मिटटी पानी पेड़ पशु ..
सभी हैं तेरे सहयोगी ..
इन सबका है आचरण निश्चित,
हैं ये सब सच्चे योगी …
समझदार हो मानव धरा तो ..
स्वर्ग पाओ रे …

सरल सहज जीवन है भैय्या,
इसे मत उलझाओ रे ..

सब संबंधी सभी सगे हैं ..
है यहाँ नहीं कोई ढोंगी ..
संबंध में ही होता है मानव सुखी …
बस मान्यता से ही है रोगी ..
मान्यता से मुक्त हो कर रे भैय्या,
संबंध के सुख को पाओ रे …

सरल सहज जीवन है भैय्या,
इसे मत उलझाओ रे ..
जीना बहुत सरल है उसको
समझो और समझाओ रे …

10 responses »

  1. This is pretty good. The sort that should be in 7th or 8th standard hindi textbooks. For being meaningful, that is.

  2. I think what people think is:if life become saral and sahaj then it won’t be fun. So to create fun people create complications and use manayta’s.There is nothing that attracts people to become yogi but being yogi might have fun too, know one knows…:))

  3. Gud Effort… Keep it up…… Though the people know, whats written by you, but the thing is very few develop the courage to adopt and then sustain it….

  4. सहज सरल जीवन की पोथी, मगर जटिल अनुवाद हो गया.
    जागृति-क्रममें आया मानव, भ्रम में उलझ के कहाँ खो गया.

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