वो देखो वो भागा जा रहा है,
बिना जाने कहाँ से आ रहा है,
बिना जाने कहाँ को जा रहा है,
वो देखो वो भागा जा रहा है|
टिन के बने राक्षसों पर सवार,
जान हथेली में लिए,
जाने कहाँ से आ रहा है,
वो देखो वो भागा जा रहा है|
बस में बैठा वो बेहोश आदमी,
आसपास की चीखों से मुह मोड़कर,
जाने कौन सा खजाना खोदने जा रहा है,
वो देखो वो भागा जा रहा है|
ऑटो चलाता वो आदमी,
दूसरे ऑटो वाले से,
आगे निकलने को पागल हुआ जा रहा है,
वो देखो भागा जा रहा है|
चौराहे के बीच में खड़ा वो आदमी,
भागने के लिए तत्पर खड़े उन लोगों को,
लगाम देने की कोशिश किए जा रहा है,
वो देखो वो भागा जा रहा है|
भागने को ही प्रगति,
और संघर्ष को ही धर्मं मानकर,
जिया जा रहा है,
वो देखो वो भागा जा रहा है|
कोई आकर रोके इन्हें,
और बताये कि,
भागने से थकान के अलावा,
कुछ हासिल नहीं कर पा रहा है,
वो देखो वो भागा जा रहा है|
badhiya!!